From My Pen

कविता 1, एक सवाल


इलज़ाम बे शुमार हैं,
तेरे लगाए मुझ पर।
लेकिन एक बार उन
इलज़ामों को परे रख कर।
बस एक बात का जवाब दे,
अपने दिल पर हाथ रख कर।

कभी मैने तुझ को,
बे वजह डांटा भी है?
सोच कर बता मुझे,
तुझे मोहलत ता - ज़िन्दगी है।

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